Tuesday, June 8, 2021
गावस्कर कौशिक की रचना- व्यवहार
Saturday, May 29, 2021
गावस्कर कौशिक की रचना- जहाँ की रिवाजे़ें
Tuesday, April 6, 2021
गावस्कर कौशिक की रचना- बीजापुर
Saturday, April 3, 2021
गावस्कर कौशिक की रचना- इत्र
Monday, March 22, 2021
गावस्कर कौशिक की रचना- संकल्प
Saturday, March 20, 2021
गावस्कर कौशिक की रचना- चंदन
Thursday, March 18, 2021
गावस्कर कौशिक की रचना- बसाहट
Wednesday, January 13, 2021
सुकमा से गावस्कर कौशिक की रचना- किसान
Friday, January 8, 2021
सुकमा से गावस्कर कौशिक की रचना- सायक
Thursday, January 7, 2021
सुकमा से गावस्कर कौशिक की रचना- अश्क़
Friday, December 18, 2020
सुकमा से गावस्कर कौशिक की रचना- गुरु पइयाँ लागंव
Thursday, December 17, 2020
सुकमा से गावस्कर कौशिक की रचना- कविता
Monday, November 2, 2020
सुकमा से गावस्कर कौशिक की रचना- छत्तीसगढ़िया के पीरा
Friday, October 16, 2020
सुकमा से गावस्कर कौशिक की रचना- शारदे माँ
रचनाकार- गावस्कर कौशिक
जिला - सुकमा, छत्तीसगढ़
विषय- माँ
शीर्षक- शारदे माँ
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वर दे! वर दे ! शारदे वर दे !
हे वीणा वादनी, हंसवाहिनी , वागीश्वरी
अंधकार को दूर कर जगमग जग कर दे
सुषुप्त अचेतन मन मेरा ज्योतिर्मय कर दे
वर दे ! वर दे ! शारदे वर दे !
नवल सृजन को नव अंकुर,निज मन में मेरे भर दे
ज्ञान ज्योति प्रदीप्त कर ,भवसागर से पार कर दे
ज्ञान बिना न हो इति मेरा ,ज्ञान पुंज उर में भर दे
मैं अज्ञानी विवेक शून्य, भटक रहा हूँ अंधकार में
तिमिर घना अब संत्रास हर,उजास अन्तस् में कर दे
वर दे! वर दे! शारदे वर दे!
तुम नित्य अविनाशी अक्षुण गगन,तेरी छाया शीतल चन्दन
तुझमें अर्पण मेरा मन,चरणों में तेरी शत्-शत् अभिनन्दन
तेरी ही अवयव हूँ मैं, ममतामयी आँचल की छाँव कर दे
पीड़ा हर सकल तन की, दिव्य अलौकिक जीवन कर दे
वर दे! वर दे! शारदे वर दे!
मैं असहाय विवश लाचार नित बहते लोचन नीर
उद्विग्न व्याकुल मन मेरा,धरु ऊर में कैसे धीर,
तुम उदार सरस् हृदय, मैं विरक्ति निष्ठुर मलिन
तुम श्रेष्ठ ललित मंजुल सरस् मैं असभ्य दम्भी नीरस
चंचल यह मन मेरा, दृढ़ स्थिर अटूट विमल कर दे
वर दे! वर दे ! शारदे वर दे !
सप्त सुर सरगम संगीतमय, गीत प्रीति मम उर कर दे
नवल गीत नव लय स्वर,वीणा की झंकार मन में भर दे
मैं नव अंकुर गीत का, पल्लवित पुष्पित मुझे कर दे
हे महादेवी जय की प्रसाद दे, मुझे पन्त निराला कर दे
वर दे ! वर दे ! शारदे वर दे !
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~ गावस्कर कौशिक
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