Saturday, June 12, 2021
पति-पत्नी : सूर्य प्रकाश पाटिल
Friday, June 11, 2021
हम कविता क्यों लिखते हैं? : सूर्य प्रकाश पाटिल
Thursday, June 10, 2021
कैफियत : सूर्य प्रकाश पाटिल
Wednesday, June 9, 2021
सूर्य प्रकाश पाटिल की रचना- अकिंचन
Monday, June 7, 2021
सूर्य प्रकाश पाटिल की रचना- तेजस
Thursday, June 3, 2021
सूर्य प्रकाश पाटिल कृत रेखाचित्र- अंधविश्वास
Wednesday, June 2, 2021
सूर्य प्रकाश पाटिल कृत लघुकथा - परामर्श
Saturday, May 29, 2021
सूर्य प्रकाश पाटिल की रचना- बचपन
Friday, April 16, 2021
सूर्य प्रकाश पाटिल कृत आलेख- जहाज़
Friday, November 20, 2020
बेमेतरा से सूर्य प्रकाश पाटिल की रचना- कश्ती और मस्ती
Thursday, November 19, 2020
बेमेतरा से सूर्य प्रकाश पाटिल की रचना- सफलता
Wednesday, November 18, 2020
बेमेतरा से सूर्य प्रकाश पाटिल कृत आलेख- चाय पानी
Tuesday, November 10, 2020
बेमेतरा से सूर्य प्रकाश पाटिल की रचना- चिलमीलिका
Monday, November 9, 2020
बेमेतरा से सूर्य प्रकाश पाटिल की रचना- ज्ञान धन
Wednesday, November 4, 2020
बेमेतरा से सूर्य प्रकाश पाटिल कृत आलेख- मेरा स्कूल
Friday, October 23, 2020
बेमेतरा से सूर्य प्रकाश पाटिल की रचना- शीतलता
Wednesday, October 21, 2020
सूर्य प्रकाश पाटिल कृत सृजन- भेदभाव
Tuesday, October 20, 2020
बेमेतरा से सूर्य प्रकाश पाटिल की रचना- भावना
Monday, October 19, 2020
बेमेतरा से सूर्य प्रकाश पाटिल की रचना- ओस
Saturday, October 17, 2020
बेमेतरा से सूर्य प्रकाश पाटिल कृत आलेख- नवरात्र
रचनाकार सूर्य प्रकाश पाटिल
जिला बेमेतरा छत्तीसगढ़
विषय नवरात्र
शीर्षक कुसमी का नवरात्र पर्व
विधा आलेख
कुसमी का नवरात्र पर्व
नवरात्र अर्थात् नौ विशेष दिन जब देवी माता की उपासना का विशेष महत्व होता है। इन नवरात्र का हमारे भारत वर्ष में विशेष महत्व है क्योंकि इन नव दिनों में देवी मां के नौ अलग अलग रूपों की उपासना की जाती है। भारत वर्ष में प्रत्येक राज्य, प्रत्येक शहर एवम् गांव में देवी माता की पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ उपासना की जाती है।
आज नवरात्र का पहला दिवस है, और हम लोग अपने ग्राम मुख्यालय कुसमी के नवरात्र पर्व दुर है इस बात की हमे बहुत ज्यादा कमी महसूस हो रही है।ग्राम कुसमी, जो कि तहसील बेरला जिला बेमेतरा छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा गांव है। जहां हमने अपने पिछले 13 वर्ष बिताए और इसी वर्ष 3 माह पूर्व अपने निजनिवास में आए हैं।
13 वर्षों में प्रत्येक वर्ष हमारे घर के सभी लोगों को और शायद पूरे गांव, आस पास के गांव वालों को भी कुसमी के नवरात्र पर्व का बेसब्री से इंतजार रहता था,रहता है। जिले के सबसे बड़े गांव में सर्व मत से एक ही जगह बाजार चौक में देवी माता की मूर्ति की स्थापना की जाती है प्रति वर्ष। मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाते हैं एवम् पूरे नौ दिनों तक हर वर्ष प्रकांड विद्वान पंडितों द्वारा श्रीमद्भागवत गीता का ज्ञान चलता रहता है, जिसे सुनने दुर दुर से श्रोतां आते हैं।
प्रतिदिन संध्या आरती का दृश्य देखते ही बनता है प्रत्येक घरों से कोई ना कोई आरती का थाल सजा कर आरती करने पहुंचता है। तत्पश्चात जस मंडलियों द्वारा प्रतिदिन माता के जस का गान किया जाता है। इसप्रकार नौ दिन किस प्रकार बीत जाता है पता ही नहीं चलता। नवरात्र में मन इस प्रकार रम जाता था कि मन करता था पूरे वर्ष भर इसी प्रकार पर्व रहे।
दसवें दिन विजय दशमी का पर्व भी पूरे धूमधाम और विधि विधान पूर्वक मनाया जाता है।
माता जी की विसर्जन यात्रा भी धूमधाम के साथ पूरे गांव में निकली जाती हैं जस मंडलियों जस गीत गाते चलते हैं और खेल जंवरा वाले विभिन्न वेश भूषा में खेल दिखाते चलते हैं।
इस प्रकार कुसमी का नवरात्र पर्व हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में है हमारा तन आज वहां नहीं हैं पर मन पूरी तरह से वहीं लगा हुआ है। कुसमी में बिताए हुए दिनों को हमारे घर का कोई सदस्य भुला नहीं सकता खास तौर पर नवरात्र पर्व को.......
सूर्य प्रकाश पाटिल
दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत
कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528 दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो काति...