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Monday, June 8, 2020

छत्तीसगढ़ के महासमुन्द जिले से धनीराम नंद की रचना- हाइकु

धनीराम नंद
भूकेल, बसना
महासमुंद, छ. ग .
विधा -हाइकू
शीर्षक -कलिजुग
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सत भुलागे 
लबारी के चलथे
सोलहो आना।

पेट भीतरी
काबर तैह मारे
तोर नोनी रे।

बात हे चोखा
बुता नई करय
ठेलहाराम।

खेती किसानी
लगे हे हारजीत
ये जुआ खेल।

घर के शोभा
बेटी रतन ओला
झन सताबे।

पहिरे टुरा
सिंगार नोनी सही
कलिजुग हे।

करले योग
भगाले जी दुरिहा
तोर बीमारी।

नंदागे सब
कहिनी ह बबा के
टी. वी.सुनाय।

Tuesday, May 19, 2020

छत्तीसगढ़ के महासमुन्द से धनीराम नंद की रचना- परोसी

धनीराम नंद
भूकेल (बसना)
जिला-महासमुंद
विधा -कविता
शीर्षक-परोसी

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दुख पीरा ल ओ जाने परोसी।
सबो बात हमर माने परोसी।
मोर डेहरी रोज आये परोसी।
गोठियावत संग हांसी खुसी।
साग रान्ध के पठोये परोसी।
बइठे मोर घर लआये परोसी।
चाह पीके रोज जावे परोसी।
का होगे अब मोर ले दोसी।
अब कभू नई आये परोसी।
दुख अपन नई बताए परोसी।
साग के नांव नई कहे परोसी।
कहाँ पाबे संगी अऊ परोसी।
परोसी ल नई चीन्हे परोसी।
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दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...