Wednesday, March 31, 2021
प्रताप चंद साहू की रचना- सरहद
Monday, January 25, 2021
जांजगीर-चांपा से प्रताप चंद साहू की रचना
Saturday, November 7, 2020
जांजगीर से प्रताप चंद साहू की रचना- माता-पिता
Friday, October 30, 2020
जांजगीर-चांपा से प्रताप चंद साहू की रचना- चंद्रमा
Monday, October 19, 2020
जांजगीर से प्रताप चंद साहू की रचना- ज्ञानदीप
रचनाकार - प्रताप चंद साहू
जिला - जांजगीर (छत्तीसगढ़)
शीर्षक - ज्ञानदीप
विधा - दोहावली
प्रताप प्रभु-चरण निर्मल, लख सके नहीं कौऊ।
लखन चाह सो मैं गया, मन विरक्त सा होऊ।।१९।।
नर काहे घमंड करै, ना जाने कब जाय।
प्रताप एही न समझै, बोल एक बार हाय।।२०।।
छोटे से पदवी धरै, बड़ो-बड़ो ही बताय।
ता घरै मिलनै जाहु, प्रताप रोऊ आय।।२१।।
कलयुग ऐसा फेर है, न जाने कोय धरम।
मात-पिता बांह पकड़े, प्रताप कोऊ सरम।।२२।।
नारी ऐसी होइया, लगै लक्ष्मी अवतार।
चित्त न इतै-उतै हुआ, प्रताप पुज संसार।।२३।।
कर पुष्प तु पकड़े सदा, और धरे तलवार।
दुनिया की शक्ति तुझमें, प्रताप तेर रखवार।।२४।।
जात-पात को न मानूं, स्वच्छ डारिहौं नजर।
साफ ठीक न साफ रहा, न बैठूं चाहे गुजर।।२५।।
Tuesday, October 13, 2020
प्रताप चंद साहू की रचना- चांद ने किया
Monday, October 12, 2020
प्रताप चंद साहू के दोहे
Saturday, October 10, 2020
प्रताप चंद साहू की रचना- संगीत
दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत
कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528 दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो काति...