नाम - राहुल कुमावत (कवि,चित्रकार)
पता - श्रीमाधोपुर (सीकर) राजस्थान
शीर्षक - कहानी इंसान की...
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कहानी इंसान की
अपना किरदार अक्सर,ढूंढता रहता है
हर इंसान यहाँ अपनी,धुन में रहता है
कभी रुके पानी सा,कभी नदी सा बहता है
कभी शांत सन्नाटे सा,कभी गुनगुनाता रहता है
जीवन की उधेड़बुन में,सुई सा लगा रहता है
हर इंसान यहाँ अपनी,धुन में रहता है
कभी आग सा गरम,कभी हीम सा शीतल
कभी कांच सा पारदर्शी,कभी सोना कभी पीतल
कभी अनकही सी बात,कभी दिन कभी रात
कभी नयी-नयी सी बातें,कभी पुराने खयालात
कभी धुप में तपना,और रेगिस्तान में चलना
बाधाओं को पार कर,आगे निकलना
कभी डर से डरना,और लक्ष्य से फिसलना
अमृत पिकर भी जैसे,पड़ा हो विष निगलना
कभी कल्पना का संसार,कभी पत्थर की दिवार
कभी सुख,कभी दुःख,कभी नफरत,कभी प्यार
कभी चमकदार रौशनी सा,कभी गहन अंधकार
कभी अनसुलझी पहेली,कभी सुलझे विचार
एक सिक्के के दो पहलूओं सी,बनावट है जहान की
कुछ ऐसी ही अनोखी सी,कहानी है इंसान की
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नाम - राहुल कुमावत (कवि,चित्रकार)
कारीगर कलम का