जिला - सुकमा, छत्तीसगढ़
विषय- मोह (तद्गुण अलंकार)
शीर्षक- मोह का बंधन
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मोह में हुई मन मतंगा
जीवन बन गया पतंगा
जीर्ण जीर्ण देह जले
शनैःशनैः मृत्यु द्वार चले
मोह का छाये अंधकार
सुखिया लगे यह संसार
मृग मरीचिका बन भटके
माया के जाल में लटके
टूटत ही बन्धन मोह का
तन मन में होत है उजास
माया का अंधकार मिटै
फैलत जब भक्ति प्रकाश
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