Tuesday, June 8, 2021

गावस्कर कौशिक की रचना- व्यवहार

रचनाकार- गावस्कर कौशिक
जिला - सुकमा, छत्तीसगढ़
शीर्षक- प्रेम पूर्वक व्यवहार करना
विषय -  व्यवहार
दिनाँक - 08/06/2021
 -----------------------------------------------
इस  मानव जीवन  को नित  सुंदर बनाने,
दया करुणा और प्रेम  का श्रृंगार  करना।
त्याग कर,  ईर्ष्या और द्वेष अभिमान को,
गीले शिकवे सबको तुम दरकिनार करना।
सबसे तुम प्रेम पूर्वक ही व्यवहार करना।।

कोई नहीं है  यहाँ  पर अपना और पराया ,
सबको  मानव  जैसा ही तुम प्यार करना।
याद करे लोग तुम्हें  तुम्हारे जाने बाद भी,
जीवन में अपनी तुम सदा उपकार करना।
सबसे तुम  प्रेम पूर्वक ही व्यवहार करना।।

लड़ाई  झगड़ा से  किसका  हुआ है भला,
इस बात पर तनिक तुम भी विचार करना।
रिश्तों  में  पड़ जाये ना कहीं  गांठ  कभी,
रूठे  हो  कोई  अपना तो  मनुहार करना।
सबसे तुम  प्रेम पूर्वक ही व्यवहार करना।।

मान -सम्मान सबकी  वो  एक  सा  कर सके,
बच्चों में कम से कम  इतना  संस्कार भरना।
रखना सबसे  मधुर संबंध जीवन है अनमोल,
भूलकर कभी किसी का ना तिरस्कार करना।
अपेक्षा रखते हो जैसे तुम दूसरों से जीवन में,
खुद भी वैसे ही दूसरों से तुम व्यवहार करना।।
                  .................

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...