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Tuesday, March 9, 2021

शैलेन्द्र धिरहे "शैल" की रचना - शिव

 रचनाकार:- शैलेन्द्र धिरहे "शैल"
स्थान:-शंकरपाली
जिला:-जांजगीर चाम्पा(छ.ग.)
विषय:-शिव 
विधा:-कविता
दिनांक:-09/03/2021
************************
हे आदि देव महा देव तेरी महिमा,
अदभुत अनोखा अनंत है अपार।
सारी सृष्टि में तेरी भक्ति दिखती,
शिव जी सारे जगत का पालनहार।

श्रद्धा भक्ति आराधना करूँ निष दिन,
तेरी कृपा दृष्टि शंकर रहे सदा हम पर।
हे शम्भू शक्ति स्वरूप अनंत अनादि,
हे..शंकर दीन दुखियों का उद्धार कर।

हे उमापति,हे शिवशंकर,तेरी भक्ति
और शक्ति है पूरी सृष्टि में अनमोल।
दीन हीनों की पीड़ा हर ले दे सदगति,
क्षण में दुःख दूर हो,हृदय से भोले बोल।

हे दुःख हरता,विघ्न हरता,चारों तरफ
जन मानस के हृदय में तेरी महिमा छाये।
हम न जाने तेरी भक्ति भाव,न तेरी पूजा,
दर्शन दे हे प्रभू,हाथ जोड़ बैठे आश लगाये।

                      ----शैलेन्द्र धिरहे "शैल"
                       शंकरपाली(छत्तीसगढ़)

शैलेन्द्र धिरहे "शैल" की रचना- शिव

रचनाकार:- शैलेन्द्र धिरहे "शैल"
स्थान:-शंकरपाली
जिला:-जांजगीर चाम्पा(छ.ग.)
विषय:-शिव 
विधा:-कविता
दिनांक:-09/03/2021
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हे आदि देव महा देव तेरी महिमा,
अदभुत अनोखा अनंत है अपार।
सारी सृष्टि में तेरी भक्ति दिखती,
शिव जी सारे जगत का पालनहार।

श्रद्धा भक्ति आराधना करूँ निष दिन,
तेरी कृपा दृष्टि शंकर रहे सदा हम पर।
हे शम्भू शक्ति स्वरूप अनंत अनादि,
हे..शंकर दीन दुखियों का उद्धार कर।

हे उमापति,हे शिवशंकर,तेरी भक्ति
और शक्ति है पूरी सृष्टि में अनमोल।
दीन हीनों की पीड़ा हर ले दे सदगति,
क्षण में दुःख दूर हो,हृदय से भोले बोल।

हे दुःख हरता,विघ्न हरता,चारों तरफ
जन मानस के हृदय में तेरी महिमा छाये।
हम न जाने तेरी भक्ति भाव,न तेरी पूजा,
दर्शन दे हे प्रभू,हाथ जोड़ बैठे आश लगाये।

                      ----शैलेन्द्र धिरहे "शैल"
                       शंकरपाली(छत्तीसगढ़)

Friday, June 12, 2020

छत्तीसगढ़ के जाँजगीर-चाम्पा जिले से शैलेन्द्र धिरहे"शैल" की रचना- बुलंद हौसले

नाम:-- शैलेन्द्र धिरहे"शैल"
राज्य:-छत्तीसगढ़,जिला-जांजगीर चाम्पा
विधा:-सायली छंद
शीर्षक:-बुलंद हौसले
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                 आसमाँ
               खुला खुला
            दे रहा आगाज
                ऊँचे रहे
                 संकल्प

                 हौसले
              कर बुलंद
          हमेशा रहो आगे
               सपने हो
                   पूरे
        
                   तेरे
            फौलादी हाथों
             में जान भर 
             ताकत रहे
                  सदा

               सफलता
             कदम चूमेगी
          हौसले रख नेक
              साहस रहे
                  दृढ़

         ---शैलेन्द्र धिरहे "शैल"
शंकरपाली(ड.)जांजगीर चाम्पा(छ.ग.)

Monday, June 8, 2020

छत्तीसगढ़ के जाँजगीर-चाम्पा जिले से शैलेन्द्र धिरहे "शैल" की रचना- हाइकु

नाम:--शैलेन्द्र धिरहे "शैल"
राज्य:-छत्तीसगढ़,,जांजगीर चाम्पा
विधा:-हाइकु
शीर्षक:-छत्तीसगढ़ की पावन धरा
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छत्तीसगढ़
की पावन धरती
नमन करूँ

अरपा पैरी
के धार बहे जहाँ
पवित्र धरा

महानदी का
जो है निर्मल पानी 
प्यास बुझाये

अतुलनीय
धन सम्पदा भरा
अगणनीय

संस्कृति धानी
जहाँ सभ्यता खिले
है शोभनीय

         ----शैलेन्द्र धिरहे  "शैल"
शंकरपाली(डभरा),जांजगीर चाम्पा(छ.ग.)

Wednesday, June 3, 2020

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा से शैलेन्द्र धिरहे "शैल" की रचना- अहंकार

नाम :--शैलेन्द्र धिरहे "शैल"
जिला:-जांजगीर चाम्पा (छत्तीसगढ़)
शीर्षक:-अहंकार
विधा:-कविता
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                  अहंकार
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अहंकार मनुष्य का सबसे 
                  बड़ा शत्रू है बन जाता।
जब भी दूसरों से ईर्ष्या द्वेष हो,
             इंसान उन्नति न कर पाता।।

सफलता के लिए बाधक हैं
             घमण्ड ग्लानि और जलन।
इन सब चीजों से दूर रहें सदा,
            बेहतर बनायें अपना जीवन। 

क्रोध घृणा को न स्थान दें,
             कभी भी अपनी जिंदगी में।
दूसरों के सहयोगी बनें हमेशा,
              गम हो चाहे कोई ख़ुशी में।

हे मानव...इस जग में हमेशा
             प्रेम स्नेह और मुस्कान बाँटें।
जब दूसरों को देंगे फूल,
          कभी न मिलेंगे आपको काँटें।।
     
                -----शैलेन्द्र धिरहे "शैल"
     शंकरपाली(ड.)जांजगीर चाम्पा(छ.ग.)
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इस प्रेणनादायी कविता के माध्यम से कोई भी इंसान को अहंकार,ग्लानि,द्वेष न करने तथा सदैव जग में प्रेम स्नेह बाँटने के लिए प्रेरित किया गया है।

Wednesday, May 27, 2020

छत्तीसगढ़ के जांचगीर-चांपा से शैलेन्द्र धिरहे "शैल" की रचना- पर्यावरण

रचनाकार:- शैलेन्द्र धिरहे "शैल"
जिला:-जांजगीर चाम्पा(छत्तीसगढ़)
शीर्षक:-पर्यावरण संरक्षण
विधा:-कविता
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        पर्यावरण संरक्षण
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पर्यावरण संरक्षण का करें उपाय,
इसी से हमारा जीवन सुरक्षित है।
खूबसूरत प्रकृति का आनंद ले रहें,
सदैव स्वच्छ रखें,इसी में आश्रित हैं।।

प्रकृति की सौंदर्य और खूबसूरती,
केवल आपके सहयोग पर निहित है।
प्राकृतिक संसाधन हैं अमूल्य धरोहर,
जल थल नभ हैं,तब तक हम जीवित हैं।।

पर्यावरण के विनाश एवं दोहन को रोकें,
लोगों में जन जागरूकता खूब बढ़ायें।
आस पास को रखें स्वच्छ और सुंदर,
संकल्प लें सभी मिलके स्वच्छता अपनायें।।

हे मानव..प्रकृति के इस मधुर सुरम्य
वातावरण का संरक्षण आपके के हाथ है।
हर जीव मात्र पर दया,सहानुभूति दिखाएँ,
हर काम आसान है,जब हर कदम साथ है।।

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व्याख्या:-इस कविता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण,प्राकृतिक संसाधनों एवं इसके जागरूकता के संदर्भ में जोर दिया गया है।

Monday, April 13, 2020

छत्तीसगढ़ से शैलेन्द्र धिरहे "शैल" की रचना- बाबा साहब आपका नाम अमर रहे

नाम:- शैलेन्द्र धिरहे "शैल"
राज्य:-छत्तीसगढ़ ,जिला-जांजगीर चाम्पा
शीर्षक-बाबा साहब तेरा नाम अमर रहे
मो.-6263476834
बाबा साहब तेरा नाम अमर रहे
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पूरे जग में तेरा नाम फैला,
चहुँओर फैलाया ज्ञान का प्रकाश।
जड़ चेतन में तेरा एहसास छिपा,
धरती स्तुति करे,फूल बरसाये आकाश।।

पूरी सृष्टि को एकता,समता और
बंधुता का पाठ पढ़ाया और समझाया।
दीन दुखियों सभी का उद्धार किया,
जन जन को ज्ञान का मार्ग दिखाया।।

छोटे बड़े का भेद इस दूनिया से
बाबा तूने मिटाया आखरी साँस तक।
नारी जगत का पूरा मान बढ़ाया,
तेरा संकल्प हृदय में धधक रहा अब तलक।।

हे बाबा!तेरे सपनें होंगे साकार,
संकल्पित हैं भारत के तेरे हर जन-जन।
नेक राहों पर संघर्ष जारी 'धिरहे',
मर मिटेंगे देश के लिए,सब कुछ है अर्पण।।
          
                        

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...