जिला - सुकमा, छत्तीसगढ़
विषय- प्राचीन धरोहरों पर केंद्रित
शीर्षक- हमारे धरोहर
विधा - कविता
-------------------------------------------------
भव्य भोरमदेव छत्तीसगढ़ का खुजराहो कहलाया
साथ में दूल्हादेव और छेरकी महल सुन्दर बनाया
सिरपुर के लक्ष्मण मंदिर जिसे बालार्जुन ने बनवाया
ईंटो से बनी प्राचीन मन्दिर हैं, विश्व धरोहर कहलाया
दंतेवाड़ा के दंतेश्वरी, विश्व भर में जिनका उल्लेख हैं
देवनागरी लिपि में लिखी जहां, प्राचीन शिला लेख हैं
बारसूर का मामा भाँचा मंदिर, बिराजे जहाँ गणेश हैं
ढोलकल पहाड़ी के शिखर में, बैठे गणपति विशेष हैं
बारसूर के बत्तीसा मंदिर, बत्तीस खम्भों में खड़ी में हैं
दिशा बदलते है शिव जहाँ, देख के होते अचम्भा बड़ी हैं
सुकमा में चिटमिटनिन दाई है, गाँव को कहते रामाराम
प्रभु ने वनवास के समय, किये थे जहाँ थोड़ा सा विश्राम
राजिम के राजीव लोचन मंदिर, पधारे हैं जहाँ भगवान
संगम होते हैं तीन नदियों का, करते हैं सब कुम्भ स्नान
गरियाबंद में हैं भुंइया फोड़ शिवलिंग दिखते हैं विशाल
अदभुत प्रकृति का नजारा है , लगते है बहुत ही कमाल
रामगढ़ संग सीताभेंगरा गुफा चित्रित शैलाश्रय बनाया है
अदभुत दृश्य हैं, विश्व की प्रथम नाट्यशाला कहलाया हैं
रायपुर में बूढ़ा तालाब प्राचीन, अद्भुत विशाल सरोवर हैं
विवेकानंद सरोवर नाम दिए हैं, छतीसगढ़ की धरोहर है
----------------------------------------------

No comments:
Post a Comment