राज्य:-छत्तीसगढ़,,जांजगीर चाम्पा
विधा:-हाइकु
शीर्षक:-छत्तीसगढ़ की पावन धरा
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छत्तीसगढ़
की पावन धरती
नमन करूँ
अरपा पैरी
के धार बहे जहाँ
पवित्र धरा
महानदी का
जो है निर्मल पानी
प्यास बुझाये
अतुलनीय
धन सम्पदा भरा
अगणनीय
संस्कृति धानी
जहाँ सभ्यता खिले
है शोभनीय
----शैलेन्द्र धिरहे "शैल"
शंकरपाली(डभरा),जांजगीर चाम्पा(छ.ग.)
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