स्थान:-शंकरपाली
जिला:-जांजगीर चाम्पा(छ.ग.)
विषय:-शिव
विधा:-कविता
दिनांक:-09/03/2021
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हे आदि देव महा देव तेरी महिमा,
अदभुत अनोखा अनंत है अपार।
सारी सृष्टि में तेरी भक्ति दिखती,
शिव जी सारे जगत का पालनहार।
श्रद्धा भक्ति आराधना करूँ निष दिन,
तेरी कृपा दृष्टि शंकर रहे सदा हम पर।
हे शम्भू शक्ति स्वरूप अनंत अनादि,
हे..शंकर दीन दुखियों का उद्धार कर।
हे उमापति,हे शिवशंकर,तेरी भक्ति
और शक्ति है पूरी सृष्टि में अनमोल।
दीन हीनों की पीड़ा हर ले दे सदगति,
क्षण में दुःख दूर हो,हृदय से भोले बोल।
हे दुःख हरता,विघ्न हरता,चारों तरफ
जन मानस के हृदय में तेरी महिमा छाये।
हम न जाने तेरी भक्ति भाव,न तेरी पूजा,
दर्शन दे हे प्रभू,हाथ जोड़ बैठे आश लगाये।
----शैलेन्द्र धिरहे "शैल"
शंकरपाली(छत्तीसगढ़)
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