Wednesday, May 27, 2020

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से लक्ष्मण प्रसाद साहू की रचना- वातावरण

नाम -लक्ष्मण प्रसाद साहू 
जिला -बिलासपुर (छ. ग. )
शीर्षक -वातावरण को करें पावन 
विधा -गीत (मात्रा भार --16, 13)

जिसका आवरण है चहुँ ओर, 
वातावरण है पावन l
सदा बाधा से करे संरक्षित, 
जगो जीवन है भावन l

धरती माता है अति पावन, 
देत सबको ये साधन l
स्वच्छ, पवित्र हमारा सपना, 
मात धरा लगे गावन ll

जल से मानव तरल प्रफुल्लित, 
हरदम जहाँ में सावन l
शुद्ध हो ताल, तलैया, नदिया, 
होता तभी प्रभु आवन ll

पावक देत पोषण उदर को, 
जठर तत्व पचात लावन l
चक्र बना है इसका अनवरत, 
खाक करते हैं खावन ll

गगन विशाल में समाये सब, 
चाँद, सूरज है तारन l
गति अमर धारक सबका यह, 
साधते रहते धावन ll

हवा सभी में प्राण फूके है, 
भागे है रोग रावन l
शुद्धि इसकी हम करेंगे साथी, 
मृत्यु करो जग से जावन ll


व्याख्या - प्रकृति की उपज वातावरण अच्छा और शुद्ध तभी  होगा, जब पृथ्वी, जल, आग, आकाश, हवा ये तत्व शुद्ध होंगे और तभी मानव अमरत्व की ओर बढ़ेगा l

1 comment:

  1. Wow sir... author now... we aleaya look forward to you...

    ReplyDelete

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...