Wednesday, May 27, 2020

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से आनंद कुमार त्रिवेदी की रचना- वट सावित्री


रचनाकारः-आनंद कुमार त्रिवेदी
जिलाः-रायगढ़
विषयः  पर्यावरण
शीर्षकः.. "वट सावित्री"
विधाः   छंद मुक्त
......   ......   ......   ...।.।...।

सुहागिनों को करते वट की पूजा,
       देख बच्चे ने किया सवाल।मम्मा क्यों पूजती हो तुम पेड़ों  को,
    झुलते वट के एक छोटे डाल।।

मगन थीं वे निज आराधन में,
   इसलिए कुछ न दिया जवाब।
मैंने भाँप बच्चे की जिज्ञासा,
   कहा तनिक इधर आओ जनाब।।

पर्यावरण पारिस्थितिक तंत्र का,
  उसको फिर खूब पाठ पढ़ाया।
उत्पादक पेड़ों की महत्ता और
  उपभोक्ता हैं जीव समझाया।।

सबके सब एक दूजे पर निर्भर,
     खाद्य श्रृंखला बनाते हैं।
जल वायु मृदादि जुड़कर इसमें,
     पर्यावरण कहलाते हैं ।।

पूर्वजों ने समझा था इसको,   इसीलिए पूजन कर देते सम्मान।
पर्यावरण के हर घटक का,
  बड़ा महत्व है यह ले जान।।

.....   .....   .......   ......

व्याख्या ः।  पर्यावरण अंतर्गत पारिस्थितिकी ,खाद्य श्रृंखला और हर जीव जंतु के एक दूसरे पर निर्भरता को प्रस्तुत पद्य में समाविष्ट किया गया है।
    जिसकी महत्ता को स्वीकारते हुए पेड़ों व जीवों का पूजन हमारी परंपराओं में शामिल किया गया।

आनंद कुमार त्रिवेदी "आनंद"

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