Wednesday, May 20, 2020

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से दूजराम साहू की रचना- कुर्सी का रोल

रचनाकार-दूजराम साहू
जिला- राजनांदगाँव (छ.ग.) 
शीर्षक - कुर्सी का रोल 

   आओ संगी तुम्हे बताऊँ
  कुर्सी का कितना रोल है ! 
      कुर्सी ही बताता है, 
   किसमें कितना पोल है !! 

सब लगा है देखों संगी
    कुर्सी के दौड़ में ! 
 चोर उचक्के आगे भागे , 
 इस कुर्सी के दौड़ में !! 
कुर्सी के चक्कर में देखों, 
 रिश्ते- नाते न जाने !
जैसा भी हो मिल जाए , 
कुर्सी को खुदा माने !! 
कुर्सी सब कुछ जानता है 
किसका कितना मोल है !! 
    
   इसे पाने के चाहत में
जनता से करते हैं हाय -हाय ! 
एकबार कुर्सी मिल गई  तो फिर 
   जनता को बाय- बाय !! 
   नेता हो या बाबू  देखों
कैसे बने हैं इसके पुजारी ! 
  कुर्सी के नीचे से लेते , 
  नहीं चलतीं है उधारी !!
हर व्यक्ति के बारे में जाने कुर्सी
  किसका कितना बोल है ! 
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दूजराम साहू
 

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