Monday, April 6, 2020

राजस्थान से गोविन्द सिंह राव की रचना- शिक्षक धर्म

कवि- गोविन्द सिंह राव
राज्य - राजस्थान 
शीर्षक - शिक्षक धर्म 
मो. 9772663818
--------------------------------------------

बेशक अपना कर्म है शिक्षा ,
लेकिन धर्म निभाना है ।
आज राष्ट्र पर संकट है तो ,
इस से पार लगाना है ।

एक सैनिक जो सीमा पर है,
एक हमको अब बनना है।
वो दुश्मन से रोज लड़े है,
कुछ दिन हमको लड़ना है।

द्रोण,कृप और चाणक्य तक,
सबने धर्म निभाया है।
तब हम तुम कैसे पीछे हो
जब देश पर संकट छाया हो।

कोरोना से जंग है जारी ,
तो कुछ अपनी भी है बारी।
अपने निज हित, स्वार्थ सभी को,
छोड़ मिटानी ये महामारी ।

चाहे तो वेतन कट जाए या,
चाहे वेतन बंट जाए ।
पर अपने श्रम समर्पण से ये,
काले बादल छंट जाए ।

22 comments:

  1. अद्भुत ,शिक्षकों को अभिप्रेरित करने वाली शानदार कविता ।।।

    ReplyDelete
  2. बहुत ही शानदार प्रस्तुति आपकी अद्भुत

    ReplyDelete
  3. वास्तव में आज के इस समय में कॉरोना जैसी महामारी को पराजित करने में शिक्षक का बहुत ही बड़ा योगदान रह रहा है बहुत ही शानदार रचना धन्यवाद

    ReplyDelete
  4. बहुत ही शानदार रचना जी

    ReplyDelete
  5. बहूत शानदार रचना साहब

    ReplyDelete
  6. शानदार प्रस्तुति के लिये बधाई आदरणीय

    ReplyDelete
  7. Shandaar Rachana

    ReplyDelete
  8. बहुत हो शानदार रचना की है राव शाहब

    ReplyDelete
  9. राष्ट्र के लिए शिक्षक की भूमिका को अभिव्यक्ति देने वाली गोविन्द सिंह राव जी की शानदार रचना। शुभकामनाये।

    ReplyDelete
  10. शानदार रचना राव जी

    ReplyDelete
  11. शानदार रचना राव जी

    ReplyDelete
  12. बहुत ही शानदार रचना

    ReplyDelete
  13. उत्त्साहवर्धक

    ReplyDelete
  14. शिक्षक की भूमिका हमेशा देश के लिए किसी योद्धा से कम नहीं है ,
    शिक्षक वर्ग किसी भी परिस्थिति में तैयार रहता हैं !

    ReplyDelete

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...