Monday, April 20, 2020

राजस्थान से बजरंग लाल सैनी वज्रघन की रचना - राम कथा

बजरंग लाल सैनी वज्रघन 
राजस्थान 
राम कथा1
8769764786 


डगमग डगमग, चरण धर चलत,
जगमग जगमग, कर सकल जगत। 1

तन मन धन सब, त्यजत सुधि सकल,
निज सुत मुख लख, दशरथ विचल। 2

दधि मुख लपटन, पग धर अटपट, 
दशरथहि सदन, तन रज लटपट। 3

निज जनक वचन, सुनत वनगमन, 
धर तपस वसन, सह दुख अनगन। 4

कलकल छलछल, पितु नयन सजल। 
स्मर गति पल पल, रघुकुल शतदल।5


सिय लखन सहित, वन वन भटकन, 
दशमुख कपटत, पिय सिय हरण। 6

पिय सिय सिय कह, सिय पिय बिलखत, 
मिलत विपिन मह, कपिपति हनुमत। 7

चलत दिशि दखन, कपि कटक सकल, 
चह जलधि तरन, कपि निकर विकल।। 8

6 comments:

  1. भगवान श्री राम जी के जीवन पर आधारित अद्भुत सृजन

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  2. धन्यवाद सभी भाइयों का

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  3. बहुत ही सुंदर

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  4. बहुत ही सुंदर

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