Monday, January 6, 2020

राजस्थान से बजरंग लाल सैनी "वज्रघन" की रचना- सोच

बजरंग लाल सैनी "वज्रघन"
राज्य - राजस्थान
संपर्क - 8769764786 
शीर्षक - सोच
विधा - वर्ण पिरामिड


मैं
फल
अपने
फैसलों का, 
प्रतिमान हूँ,
अच्छे-बुरे कर्मों का,
वही बन पाया हूँ जो
सोचा विचारा अपने मन में।

ये
बात
उतनी
ही सत्य है
जितना उदित
होता दिवाकर है
उदीचि में गगन के
जो जैसा सोचता है, बनता है।

तू
सोच
वैसा ही
जैसा चाहे
बनना जग में
मंतव्य सही हो तो
बन  जाता है मानव
महामानव निर्विवाद।


बजरंग लाल सैनी "वज्रघन"

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