Monday, January 6, 2020

छत्तीसगढ़ से परमानंद निषाद की रचना- छत्तीसगढ की धरती स्वर्ग से सुंदर

*कवि- परमानंद निषाद*
*राज्य- छत्तीसगढ,जिला बलौदा बाजार*
*विधा- कविता*
*शीर्षक- छत्तीसगढ की धरती स्वर्ग से सुंदर*
*मोबाइल- 7974389033*

 *छत्तीसगढ की धरती स्वर्ग से सुंदर*
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छत्तीसगढ की धरती तोर कोरा कितना महान,
बड़े-बड़े शूरवीर जन्म लिये वीर जैसा भगवान,
दिन-रात जैसा भी हो चारो तरफ हरा-भरा है,
हमारा छत्तीसगढ बिजली जैसा चमक रहा है,
ठंडी हवा का झोंका कितना सुहाना लगता है,
इस हवा के झोंके को ना भुलाना लगता है,
रत्न जड़ा है मिट्टी मे फूलों का बगीचा लगा है,
बहते हुए नदी की धारा जन-जन की सेवा कर रहा है,
हम छत्तीसगढ के रहने वाले है भेदभाव कभी ना जाने,
जाति और धर्म को छोड़ के आगे ना बढ़ना जाने,
हर कष्टों को दूर करे हम हो मुश्किल आसान,
धरती,पर्वत और नदियां है छत्तीसगढ की शान,
आओ हम सब सत् कर्मों से रोशन करे इसका नाम,
शक्ति मिले हम सबको ऐसा दो यह वरदान,
हमारा छत्तीसगढ गुलशन बन जाये दो ऐसा एहसान,
छत्तीसगढ के नूर को देखते ही शीश झुकाने का मन करता है,
हमारा छत्तीसगढ राज्य है स्वर्ग से सुंदर,
धरती,पर्वत और नदियां है छत्तीसगढ की शान।।
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*परमानंद निषाद*
*ग्राम- निठोरा,पोस्ट- थरगांव,* *तहसील- कसडोल,* *जिला- बलौदा बाजार*
*मोबाइल- 7974389033*
*ईमेल- Sachinnishad343@gmail.com*

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