Monday, December 23, 2019

राजस्थान से कुमार तनसुख की रचना- मैं पुतला बेजान

कुमार तनसुख 
श्रीमाधोपुर राजस्थान। 
सम्पर्क 9351212400
कविता 


शीर्षक:- मैं पुतला बेजान

बिना तुम्हारे दोस्तों 
मैं पुतला बेजान ।
तुम पुतले के प्राण हो
तुम ही इसकी जान ।।

साथ तुम्हारे से मिला
मुझे मान सम्मान ।
साथ तुम्हारे रहने से 
बढती है मेरी शान ।।

छोड ना देना तुम मुझको
जाने या अनजान ।
बिना तुम्हारे जी ना सकूंगा
तुम हो मेरी पहचान ।।
तुम हो मेरी पहचान ....
                कुमार तनसुख

13 comments:

  1. बहुत ही सुन्दर। यारी है ईमान मेरा यार मेरी जिंदगी।

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  2. बहुत खूब लिखा है आपने। सुन्दर रचना

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  3. Mujhe buhat Achi lgi aapki kavita very good

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  4. बहुत सुन्दर रचना

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  5. बहुत सुन्दर रचना

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  6. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति

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  7. वाह जी आपके कवि ह्रदय की दाद देनी पड़ेगी।

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  8. शानदार भाईसाहब।

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  9. वाह वाह क्या बात है

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