कवि- सुधांशु श्रीवास्तव "जीत"
राज्य- दुर्ग, छत्तीसगढ़
सम्पर्क- 9691147957
शीर्षक- जब तुम मेरा साथ छोड़ जाओगे
राज्य- दुर्ग, छत्तीसगढ़
सम्पर्क- 9691147957
शीर्षक- जब तुम मेरा साथ छोड़ जाओगे
*** जब तुम मेरा साथ छोड़ जाओगे***
एक अनकही सी बात छोड़ जाओगे,
एक अधूरी सी साँस छोड़ जाओगे।
एक कसक की सौगात छोड़ जाओगे,
जब तुम मेरा साथ छोड़ जाओगे।।
एक अधूरी सी साँस छोड़ जाओगे।
एक कसक की सौगात छोड़ जाओगे,
जब तुम मेरा साथ छोड़ जाओगे।।
कोई रिश्ता दिल को चुभाता रहेगा,
कोई हर पल दिल जलाता रहेगा।
आखिरी मुलाकात छोड़ जाओगे,
जब तुम मेरा साथ छोड़ जाओगे।।
कोई हर पल दिल जलाता रहेगा।
आखिरी मुलाकात छोड़ जाओगे,
जब तुम मेरा साथ छोड़ जाओगे।।
चाहे उठे दिल में गमों का तूफ़ान,
होठों पे पाओगे हमेशा मुस्कान।
कैसा अजब नकाब छोड़ जाओगे,
जब तुम मेरा साथ छोड़ जाओगे।।
होठों पे पाओगे हमेशा मुस्कान।
कैसा अजब नकाब छोड़ जाओगे,
जब तुम मेरा साथ छोड़ जाओगे।।
मुलाकात की तहज़ीब भूल जाएंगे,
किसी से मिलकर खुश कम हो पायेंगे।
सपनों से महरूम रात छोड़ जाओगे,
जब तुम मेरा साथ छोड़ जाओगे।।
किसी से मिलकर खुश कम हो पायेंगे।
सपनों से महरूम रात छोड़ जाओगे,
जब तुम मेरा साथ छोड़ जाओगे।।
आँखों में आँसुओं की तलाश मानता हूँ
खुद को पेड़ से टूटा पलाश मानता हूँ।
"जीत" के लिए काश छोड़ जाओगे,
जब तुम मेरा साथ छोड़ जाओगे।।
खुद को पेड़ से टूटा पलाश मानता हूँ।
"जीत" के लिए काश छोड़ जाओगे,
जब तुम मेरा साथ छोड़ जाओगे।।
सुधांशु श्रीवास्तव "जीत"

बहुत सुंदर भावपूर्ण रचना भाई
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