Tuesday, September 24, 2019

असम से कवयित्री डॉ सुनीता अग्रवाल: सौम्या की रचना- अनुभव

कवियित्री - *डॉ सुनीता अग्रवाल: सौम्या*
विधा -  *लावणी छंद*
शीर्षक - *अनुभव*
राज्य - *असम*
मो. - **
*जग में कुछ अच्छा कर प्यारे, मौत लगाए घात खड़ी!*
*अनुमानों से बहुत बड़ा दिन, अनुभव से है रात बड़ी!!*
ताकत कम मत आँक समय की,
सबसे है बलवान यही।
देता ऐसे उलट बिसातें, पलक झपकते भान नहीं।।
*समझ अहमियत साँसों की ज्यों, हीरे जवाहरात लड़ी...!*
अनुमानों से बहुत बड़ा दिन, अनुभव से है रात बड़ी!!
करो क्षमा और मांग भी लो, जैसी हो गलतियाँ जहाँ।
ये आभूषण वीरों का ही, दिव्य दिखे शक्तियाँ वहाँ।।
*विष्णु हुए थे अति विनम्र जब, छाती पर भृगु लात पड़ी...!*
अनुमानों से बहुत बड़ा दिन, अनुभव से है रात बड़ी!!
थोड़ा संयम सहनशक्ति रख, सदा प्यार के बोल कहो।
श्रेष्ठ योनि में जनम मिला है, मर्यादा में तौल रहो।
*घमंड सदा बेकार करना, छोटे मुँह से बात बड़ी....!*
अनुमानों से बहुत बड़ा दिन, अनुभव से है रात बड़ी!!
डॉ सुनीता अग्रवाल:सौम्या
दन्त-चिकित्सक, असम।
मो. 9435727659

14 comments:

  1. शानदार गीत सृजन हेतु बधाईयाँ।

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  2. Bahut khoob kya likha hai
    👍👍👌👌

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  3. मस्त है एकदम चकाचक

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  4. प्रयुक्त छंद लावणी का सुंदर और सशक्त रूप, प्रभावी कविता, सहज अभिव्यक्ति, सुंदर संवादात्मक शैली का प्रयोग, और अनुभव से है रात बड़ी पंक्ति में व्यक्त भाव सम्पूर्ण कविता की आत्मा हैं। सुंदर रचना हेतु बहुत- बहुत बधाई आपको।

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  5. प्रयुक्त छंद लावणी का सुंदर और सशक्त रूप, प्रभावी कविता, सहज अभिव्यक्ति, सुंदर संवादात्मक शैली का प्रयोग, और अनुभव से है रात बड़ी पंक्ति में व्यक्त भाव सम्पूर्ण कविता की आत्मा हैं। सुंदर रचना हेतु बहुत- बहुत बधाई आपको।
    पंकज मिश्र " अटल "
    जवाहर नवोदय विद्यालय, बरपेटा, आसाम

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  6. अपने ब्लॉग से जुड़ने अर्थात इस पर रचना प्रेषित करने हेतु तरीका बताएं। धन्यवाद।
    पंकज मिश्र " अटल "
    जवाहर नवोदय विद्यालय, बरपेटा, आसाम
    pankajmisraatal@gmail.com

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    1. एक साहित्यिक ग्रुप ने किया है, कहें तो आपको जुड़वा दूँ उसमें।

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  7. बहुत ही सुन्दर और मनोरम उदगार हैं।वास्तव में कल्पनीय और जीवंत विचार।

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  8. आपके सृजन में मिसरे बहुत सुंदर हैं। कई जगह इनमे आपस मे सम्बन्ध दिखाई नहीं देता। अतः उन जगहों पर सुधार की गुंजाइश है।
    सादर नमन।

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