Tuesday, September 24, 2019

छत्तीसगढ़ से कवि एस के नीरज की कविता- गीत जिन्दगी के

कवि का नाम :-  एस के नीरज
शीर्षक :-  "गीत जिंदगी का "
राज्य -  छत्तीसगढ़
संपर्क नंबर -  99770-45540

               कविता
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जिंदगी के गीत गाता रहा हूँ मैं
दिल में अरमां सजता रहा हूँ मैं
चोट खाकर भी हँसता रहा हूँ मैं
जब मंजिल नहीं मिली साहिल की
तो भी रास्ता तलाशता रहा हूँ मैं !

जब छायी चहुँ ओर अँधियारा
तब दीपक तलाश  रहा हूँ मैं
कोई मुसाफिर आने वाला है शायद
इंतज़ार में पलकें बिछा रहा हूँ मैं!

जब फूलों ने छोड़ दिया दामन मेरा
काँटों को भी अपना रहा हूँ मैं
जब अपने ही हो गए बेगाने 
किसी हमदर्द की तलाश में हूँ मैं!

उम्मीद की चिराग बुझ चुकी अब
अपने दिल को बहला रहा हूँ मैं
जो घाव उसने मेरे सीने में दिए
उन्हें आज भी सहला रहा हूँ मैं
जिंदगी के गीत सदा गाता रहा हूँ मैं !

        एस के नीरज (  36 -  गढ़ )

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