Wednesday, October 21, 2020

सूर्य प्रकाश पाटिल कृत सृजन- भेदभाव

रचनाकार सूर्य प्रकाश पाटिल
जिला बेमेतरा छत्तीसगढ़
विधा रेखचित्र
विषय परिश्रम
शीर्षक  भेदभाव

             भेदभाव
            मै एक मध्यम वर्गीय परिवार से हूं और अपने ही लोगों और अपने ही जैसे परिवार के लोगों को एक ही जैसी वस्तु के लिए अलग अलग जगह अलग अलग व्यवहार करते देखा है।
                       उदाहरण के रूप में मै एक सब्जी वाले को ले रहा हूं। पहले जब मै भिलाई में अपने निवास में रहने नया नया आया तो मै शाम को पास में सब्जी खरीदने गया । पास में ही चौक के पास बहुत सारी दुकानें हैं उसमे सब्जी की भी दुकान है वहां पहले से कुछ लोग थे वे सब्जी को दिखाकर बिना छांटे ये इतना दे दो ये इतना दे दो कितना हुआ पैसा दिए सब्जी लिए चले गए। ऐसा एक नहीं सभी कर रहे थे मैंने भी सब्जी लिया और घर आ गया।
               दूसरे दिन सुबह घर के पास आवाज सुनाई आई 'सब्जी भाजी ले लो ओ सब्जी भाजी ' मै भी बाहर निकला क्योंकि कल की दुकान में भाजी नहीं मिला था। मैंने देखा लोग अपने घर से ही सब्जी का दाम पूछ रहे थे और मोल भाव कर रहे थे और जो ले रहे थे वे झुका के मांग रहे थे।
               वह महिला घर से 10/15km दुर पैदल आती हैं अभी भी आती हैं अभी भी उससे वहीं व्यवहार होता है।
                   काम उस बड़े दुकान वाले का भी सब्जी बेचना है और इस महिला का काम भी। पर परिश्रम किसका ज्यादा हैं और परिश्रम का फायदा हम किसे ज्यादा दे रहे हैं। विचारणीय विषय है......
        सूर्य प्रकाश पाटिल

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