Monday, August 12, 2024

रायपुर से हिम्मत सिंह अरमो की रचना- वतन

कवि:हिम्मत सिंह अरमो  ।
राज्य: छत्तीसगढ़ ।
जिला: रायपुर ।
विषय: वतन  ।
शीर्षक: वतन ।
विधा : छंद-मुक्त कविता ।
मोबाइल:6264189643     ।
      वतन--

मेरे पूर्वजों का जहां है बसेरा--
वही धरती है, वतन मेरा  ।
बचपन बीता, माटी थी माँ--
जीवन तारन का बना वो ठेरा, 
वही धरा की गंध बना वतन मेरा  ।
भूमंडल की धरा का हिस्सा मेरा--
भारत देश है प्यारा वतन हमारा, 
अनेकानेक बसती, जहाँ संस्कृति, 
ऐसा प्यारा-सा वतन है मेरा  ।
मेरे वतन की प्यारी है पहचान--
नतमस्तक करता है अडिग हिमालय, 
पाँव पखारे जलनिधि हिंद महासागर, 
प्रकृति का अनुपम मिलता भंडार  ।
विजयी विश्व तिरंगा झण्डा है प्यारा--
अविरल पावन नदियों की बहे धारा, 
तटों पर हैं बसे पवित्र धाम का संसारा,
प्यार लुटाता,सद्भाव का वतन हमारा ।
आओ अपने वतन की शान में--
इसके चहुँमुखी विकास में, 
ज्ञान-विज्ञान, शिक्षा का दीप जलायें, 
इसकी अखंडता में मर-मिट जायें  ।
"""स्वरचित प्रस्तुति  ""12/8/24

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