पता-डीएम.-89ओमपुर
रजगामार,कोरबा(छ.ग)
मो.नं.-9399432577
*वतन*
वतन वतन वतन ,ये प्यारा वतन।
तेरा-मेरा मेरा-तेरा ,हम सबका वतन ।।2।।
फूल खिल खिलाए, कलियाँ मुस्काएं ।
भँवरे गुनगुनाए , तितलियाँ भी गाएं।।
सागर संगीत छेड़े ,
कुछ होले-होले बोले ।
कोयल की मीठी बोली, कानों में मिश्री घोले।।2।।
नादियो की ये धारा,
सूर से सूर मिलाएं।
सब मिलके देखो आए, एक साथ गाएं।। वतन...
वतन ये मेरा , फूलों की है बगिया।
क्यारी इसकी जैसे ,गाँवो की है गलियाँ।।
बेला गुलाब चम्पा ,
फूलों की डलियाँ।
बगियाँ देखो महके,
चले पुरवइयाँ।।2।।
इसमें राम की कथा,
यहाँ कृष्ण कन्हैया।
शहीदों की कुर्बानी, मजदूर किसान भैया।।वतन.......
यहाँ सब मिलके रहे ,
रहे चैन-अमन ।
भारत की ये धरती,
है प्यार का चमन।।2।। वतन........।।2।।
....................।।.................
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