जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, मनमीत
शीर्षक, मनमीत
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
मनमीत होता दिलरूबा
जिसको देखने की चाह
होती बारंबार,गुलजार,
मन पुष्प खिलता,मुरार।।
मनमीत का सानिध्य,से
दूर हो जाता सारे गम,
दिलकश नज़ारा,उत्तम,
जीवन लगता जन्नत,सम।।
मनमीत होता दिलदार,
उसका शोख,अदा,से,
मनोज का है आगमन
चहुंओर खुशी का चमन ।
कयामत तक जाने की,
कसम होती एक दुजे,
न दूरी,न टेन्शन,रहे,
केवल प्यार का नजराना।।
मनजीत से जीवन,धन,
बन जाता मानो मधुवन
जहां श्रीकृष्ण,राधा,का
होता नैसर्गिक मिलन।।
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