Monday, August 26, 2024

धमतरी से कुलदीप सिन्हा 'दीप' की रचना- मन

नाम- कुलदीप सिन्हा "दीप"
ग्राम पो. :-- कुकरेल
तह. :-- कुकरेल
जिला :-- धमतरी ( छ. ग. )
विषय :-- मन 
विधा :-- कविता ( घनाक्षरी छंद )
दिनांक :-- 25 / 8 / 2024
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मन की जो बात करे,
             नहीं अकस्मात करे।
सदा दिन रात करे,
             निश्चित ही जानलो।।1।।

मन में न बात रख,
             बाकी मुलाकात रख।
नहीं कभी घात रख,
             ऐसा अब ठान लो।।2।।

मन में जो बात उठे,
            चाहे कोई भी हो रूठे।
भले तकदीर फूटे,
             जरा उसे छान लो।।3।।

लगे सब भोले प्यारे,
             मन से न कोई हारे।
आँखों के जो यहाँ तारे,
             उन्हें पहचान लो।।4।।

कुलदीप सिन्हा "दीप"
कुकरेल ( सलोनी ) धमतरी

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