जिला :-- धमतरी ( छ. ग. )
विषय :-- आस्था
विधा :-- मनहरण घनाक्षरी छंद
दिनांक :-- 27 / 8 / 2024
जलाओ आस्था के दीप, कोई भी हो शक्तिपीठ।
उतारो नजर दीठ, चलो दरबार में।।1।।
जहाँ पर होती आस्था, तब खुलता है रास्ता,
रखते सबसे वास्ता, जानो परिवार में।।2।।
आस्था से दुनिया चले, तब कोई फुले फले,
आओ चाहे जाओ भले, खुद ही संसार में।।3।।
आस्था को बनाये रख, कर मत बकबक,
जिंदगी तो चले नहीं, कभी उपकार में।।4।।
कुलदीप सिन्हा "दीप"
कुकरेल ( सलोनी ) धमतरी
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