जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, आस्था,
शीर्षक, आस्था,
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
आस्था में छिपा भक्ति,
उसमें समाहित शक्ति,
से चलायमान है जग,
तभी तो पाषाण में राम।।
सत्य से कलि हर युग,
आस्था से प्रेरित,मानव
मूर्ति में देवदेवी,भाव,
बिनु आस्था कहां ईश्वर।।
आस्था से पूजित,इष्ट,
पूरा होता मनवांछित,
देवदेवी से है आशीष
होता मनोकामना,सिद्ध। ।
आस्था सह आता परव
हर परव का अपना दम
कुछ पौराणिक महत्व,
भी लेकर आते,उत्तम।।
आस्थावान मनुष्य है,
उर्जावान,विवेकी जन,
आस्था बिना निरस,
जीवन होगा,शुष्क,नद।।
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