जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, क्रोध,
शीर्षक, क्रोध,
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
क्रोध है हमारा विकार,
जिससे बिगड़ते काम,
नहीं होता चाहत पुर्ति
तब क्रोध का होता जनम।।
क्रोधसे रिश्ता प्रभावित
कठिन होता जीवन,में,
भरपाई नहीं नुकसान,
पिछे पछताना,वेवफूक।
क्रोध हो तो पिऐं पानी,
गुस्सा होगा कुछ शान्त,
फिर करो अपना काम,
यह है उचित,सिद्धांत।।
क्रोध देता महाभारत,
कौरव-पांडव में महान
कितना हुआ नुकसान,
सो क्रोध पे लगा लगाम।।
क्रोध है अनल,विवेक,
हो जाता निष्क्रिय,सम,
फिर आपा खोता,जन,
इसलिए क्रोध का वर्जन।।
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