प्रदत्त विषय : क्रोध
विधा : गीत
मोबाइल नंबर: 9406032052
*क्रोध से होत विनाश*
*06.08.2024*
कठिन काल में जो भी मानव रखे स्वयं को कान्त,
चंचल मन को वश में रखकर भी रहता है शान्त,
उसके जीवन में आये चाहे कितने भी अवरोध,
दृढ़तापूर्वक करें सामना नियन्त्रित रखकर क्रोध,
अगर क्रोध पर नहीं नियंत्रण जब वह कर पाता है,
होने पर नुकसान बाद में वह खुद ही पछताता है,
क्रोध शत्रु होता है मानव के जीवन व विकास का,
खो देता है क्रोध में रिश्ता दूर का हो या पास का,
क्रोध आ जाने पर उसके ही स्वास्थ्य का होता विनाश,
पछताकर फिर सोचा करता होता न ऐसा काश,
क्रोध से मानव पहुंच जाता है खुद विनाश के द्वार,
क्रोध से हो जाता है कलुषित जीवन, घर, संसार।
*राजेश कुमार सोनार*
*बी-129, सांईभूमि कालोनी बिलासपुर*
*9406032052*
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