जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, मन
शीर्षक, मन
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
मानव मन,बड़ा चंचल,
विचार आते पल पल,
मन को एकाग्र रखना,
है मुश्किल काम,समान ।।
साधु-संत कर यह लेते,
समझें वृथा है वृतांत,
विवेक का सुने विद्वान
उसके बाद करें कर्मधन।।
फलस्वरूप वे रहें सुखी
ना वृथा टेन्शन हावी,
बुद्धि,विवेक से करम,
होता सदा सुखद,राम।।
मन तो हमारा चंचला,
कभी कुछ,कभी माल
धन-दौलत का दिवाना
वृथा मरीचिका धावन।।
ऐसे में मन में हो लगाम
ताकि नेक करम,सुगम,
मन का हारे हार होता,
मन का जिते जीत पाता।।
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