जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, मां भारती,
शीर्षक, मां भारती,
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087
मां भारती बुलाए मेरे लाल,
रक्षक बने भक्षक,है बोलती,
तुम भावी नागरिक,प्यारे,
मां भारती की शौकत,न्यारे।।
मां भारती की शान बुलाती,
आन अब तेरे हांथ है फरमाती,
बान की उत्तरदायित्व, दुलारे,
मां भारती के कर्णधार प्यारे।।
आस्तीन की सांप है मुझे डसती,
अब देर भला नहीं सुरक्षा,दो,
आतंकवाद,महंगाई, बढ़ती,
आबादी, प्रदूषण,रोको न्यार।।
वृक्ष की अंधाधुंध कटाई न कर,
प्रकृति की वीरानता,न मनोहर,
पेड़ पौधा लगा कम से कम एक
पर्यावरण का सुरक्षा, बाल हमारे।।
सब दायित्व सरकार का नहीं,
तू भी अपना जबावदेही बन,
देर हुई गर,पहले पाट,सपाट,
मां भारती अविरल है पुकारती।।
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