जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, कर्त्तव्य,
शीर्षक, कर्त्तव्य,
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087
कर्तव्यबोध व्यक्तिके है सुगुण
कर्तव्य, अधिकार एक सिक्का,
दो पहलु,अपि पूरक,एक दुजा,
कर्तव्य करने पर स्वतः मिले अधिकार.।।
अपना उत्तरदायित्व निर्वाहन,
बखुबू करो है विवेकी महान,
कर्मप्रधान जीवन का संदेश,
श्रीकृष्ण ने दिया पार्थ,भास।।
नैतिक,आध्यात्मिक कर्तव्य,
पूजा-पाठ,अनुशासन,आदि,
सुत,सुता,पति,पड़ोसी,देश,
सबके लिए है कर्तव्य,सुबास।।
खान-पान केवल करना पशु,
देश-दुनिया के लिए कर्तव्य,
करना जरूरी,अनिवार्य सम,
अधिकार स्वयंभू होगा उत्तम।।
कर्तव्य करने से आत्मसन्तुष्टि,
मिलता शान्ति,सुकून का वृष्टि,
कर्तव्य निज,कर निस्वार्थभाव,
अधिकार तो है साया,का भाव।।
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