शहर -भाटापारा
जिला -बलौदाबाजार भाटापारा
विषय:- प्रकृति
शीर्षक- प्रकृति के रंग जीवन के संग
मोबाइल 9907670711
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प्रकृति है जीवन का सार, सृष्टि की उत्पत्ति हुई अपार,
चराचर जगत का जीवन दाता, इसीलिए कहा जाता है, प्रकृति के रंग जीवन के संग।
पालनहार जो कहलाता,बिना पांव चलता है जो जग में,बिना हाथ करता है काम,
संपूर्ण प्राणी जिसके छांव तले,जन्म लेता,जीवन जीता,अंत में चले जाता करके कुछ काम।
जल, धरती, आकाश,अग्नि पवन सुंदर प्रकृति का रूप कहलाता,
जो मानव निर्मित नहीं है सृष्टि जगत पालनहार भगवान कहलाता।
लता,बेल, पेड़ -पौधे प्रकृति में पर्यावरण का है संरक्षक,
इन्हें नुकसान पहुंचाने पर,तब आता आपदा विपदा तब प्रकृति होता है भक्षक।
ग्रह नक्षत्र ब्रह्मांड सभी, अनंत आकाश गंगा में मंडराते हैं।
गुरूत्वाकर्षण, चुंबकीय धन ऋण शक्ति के कारण ये आपस में नही टकराते हैं।
है अविचल निश्छल प्रकृति,सबका जीवन दाता है,पालक पोषक शक्ति महान,
समझे जाने मानव को दिया बुद्धि ज्ञान, फिर भी अनजान बनते हैं,क्यों इंसान।
पेड़ काटते, पहाड़ काटते, नदी तालाब, समुद्र में जहर फैलाते, प्रकृति के साथ करते खिलवाड़,
समझ जाओ नादान, ओ नादान पैसों के लोभी न धन जाता तुम्हारे साथ।
प्रकृति सबका रक्षा पालन करता,
कितना है उपकारी,कैसी अद्भुत लीला है प्रकृति के रंग जीवन के संग।
कुछ तो सोचो संगवारी।
पेड़ पौधों को संरक्षित करो प्रकृति करेगा ,भरेगा किलकारी।
आपके भविष्य की बना है, बनेगा महतारी।
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