जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, प्रकृति छैला,
शीर्षक, प्रकृति छैला,
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
प्रकृति छैला, धरी रुप रंगीली लगती, अलबेली,
अषाढ़ का हुआ आगमन
चहुंओर सौन्दर्य, का चमन।।
खेत, खलिहान से नीलाम्बर, सब जगह, पद्म,
जनमानस में खुशी, अनुप
एकैक आलम से चित्तचोरी।।
प्रकृति का शोभा असंभल, देखी बलिहार,
कृषक हर्षित, पुलकित,
धान बलियां से स्वर्ण आहुत।।
ऐसा दृश्य होना गोचर,
उधर लालिमा संग प्रभात
सिन्दूरी फिटा एकैक, बात
कवि का मन आप्लावित।।
धरी कागज, कलम, सुन्दर,
मनुष्य-मन का भी वर्णन,
प्रकृति जो ढाई कयामत
लिखने बैठा प्रकृति सुप्रभात।।
कहीं रुद्ररुप धरी प्रकृति,
भयंकर प्रलय,केहराम,
वेशकिमती जनजीवन,
हानि से मन में पीड़ा अश्रु।।
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