Monday, July 1, 2024

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- प्रेम के सरताज

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- सरताज 
शीर्षक- प्रेम के सरताज 
विधा- छंद मुक्त 
संपर्क- 7974389033

सुंदर मन के भाव से; दिल में उठे हिलोर।
सुनकर प्रिय कविराज के; होता भाव विभोर।।1।।

मन के प्रेमिल भाव से; मेरा है सरताज।
भगवन के वरदान से; मिला प्रेम अल्फाज।।2।।

सपनों में खोया हुआ; लेकर तुझको बांह।
तुझको पत्नि बनाउंगा; दिल से मेरी चाह।।3।।

सुंदर मन के भाव से; मुझको मिला दुलार।
इस सारे संसार से; मुझे मिला है प्यार।।4।।

 प्रिय के प्रेमिल भाव में; भ्रम नहीं तू डाल।
प्रेम के सरताज हो; मन से करो निहाल।।5।।

         ✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
         ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...