जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, नैतिकता
शीर्षक, नैतिकता
विधा,कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
मानव जीवन है वेशकिमती,
नैतिकता हो उसमें,महती,
आध्यात्म का भी योगदान,
तब बनेगा मनुष्य,अतुल-धन।।
विचारों का होता आवाज़ाही,
आशावादी विचार,होता माही,
सत्यपरक,अहिंसात्मक,विवेक,
देता करम,धर्म-परायण,एकैक।।
विवेकपूर्ण क्रियान्वयन,उत्तम,
जनकल्याणी,हो हमारा,काम,
स्वार्थ रहित कार्य सराहनीय,
एतत बिना,न सुखद,कमनीय।।
प्रयास रहे पलपल,नैतिक,राम,
तब धीरे बनेगा स्वभाव,उत्तम,
जनता-जनार्दन भी प्रभावित,
ऐसे जनगण,संसारे पूजित।।
बिना नैतिकता के करम,अधम,
न देगा सुख,श्री,समृद्धि,मनोरम
सो प्रयासशील,नैतिक,आधार,
ताकि जीवन बने मधुवन,मनोहर।।
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