जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, पिता
शीर्षक, पिता
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
पिता से लाल,बाल हैं महफूज,
हर परिस्तिती को करे आसान,
गम का साया भी न पड़े,तनन्ना,
बटवृक्ष सम रहता, पुत्र, पुत्री, छाया।।
आज निःस्वार्थ भाव से महान,
पिता कर देता सर्वस्व, अर्पण,
बदले मे न रखे केई, चाह, धन,
सहनशीलता का है अंजुमन।।
पिता देता शिक्षा, दीक्षा, लालन,
पालन-पोषण, तनय पाए सुख,
कोई कमी रह न जाए,सम्मुख,
परंतु विडम्बना,बच्चा,देता दुख।।
पिता, माता को छोड़, वृद्धाश्रम,
सोचता ब्लाग टला, हम, उत्तम,
ऐसे स्वार्थी लाल, कुलभूषण,
बाद में पछताए, कि मैं बना पाषाण।।
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