जिला - कांकेर
राज्य - छत्तीसगढ़
विषय - श्रद्धा
शीर्षक- श्रद्धा
श्रद्धा करो माता-पिता का ,
श्रेष्ठ गुरु उन्हें मानकर ।
उनसे बड़ा न कोई जग में
पूजो उन्हें ईश्वर जान कर।
श्रद्धा भाव से हरि भजन से ,
कट जाता जग का हर पाप ।
हरी हरते हैं हर दुख को,
दूर करते सब संताप ।
श्रद्धा से जो सर नवाये ,
अपने गुरु चरणों में ।
हर संकट से तार लेते हैं,
ले लेते गुरु अपने शरणों में ।
श्रद्धा भाव हो मन में ,
हृदय में हो भक्ति भाव ।
हरि देते साथ सदा ही,
पार लगाते जीवन के नाव ।
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