जिला-रायपुर
राज्य-छत्तीसगढ़
विषय-वृक्ष
शीर्षक-भाव, स्वभाव,अभाव,
प्रभाव
विधा- मुक्तककाव्य
संपर्क-अटल विहार कॉलोनी अकोली रोड आरंग जिला-रायपुर छत्तीसगढ़ 493441
मो.नं.9753164885,7804885185
*वृक्ष*
भाव, स्वभाव,अभाव, प्रभाव
पेड़ लगाने का हो सभी में भाव
बना लो,ऐसा मन हो स्वभाव
धरती में न हो पेड़-पौधों का अभाव
अपनो तथा दूसरों पर भी डालों प्रभाव।।१।।
प्रकृति हरितिमा चादर ओढ़े,ऐसा हो भाव
पेड़-पौधों का करें रोपण सब का हो स्वभाव
धरा चैन की सांस ले, प्राण वायु का न हो अभाव
विश्व के मानचित्र में डालों,ऐसा ही सब प्रभाव।।२।।
आदि से क्या,वर्तमान में भी वृक्षारोपण का हो भाव
मानव जीवन के हित में, सभी के प्रति हो ऐसा स्वभाव
धरती की हरियाली का न हो किसी को भी अभाव
कुछ ऐसा ही करो,अमिट पड़ जाये मानव पर प्रभाव।।३।।
प्राकृतिक सौंदर्य ,अपनी सुन्दरता का हो भाव
मित्र दूत बनों,प्रकृति से प्रेम का हो स्वभाव
भविष्य को ताजीवायु और सुन्दरता का न हो अभाव
पहले से भी और चमत्कारी हो,ऐसा ही डालो प्रभाव।।४।।
हरमन की भावनाओं का ऐसा हो भाव
न,चाहते भी चाहे,वृक्षों की सेवा का स्वभाव
ये जहान में न हो प्राणवायु दाता का अभाव
मनः मस्तिष्क में सभी के ऊपर पड़े प्रभाव।।५।।
शिशु के लालन-पालन जैसे हो, मन में भाव
वृद्धावस्था की दशा में,सहारा बने हो स्वभाव
पालन-पोषण,सहारा का,न हो कभी अभाव
माता-पिता जैसा हो अपना मातरौ प्रभाव।।६।।
पेड-पौधों से आत्मीयता,सब का हो भाव
इनकी रक्षक बने ऐसा हो अपना स्वभाव
न पिड़ा हो ,न हो कभी सुरक्षा का अभाव
प्रति मानव जीवन पर हो , ऐसा ही प्रभाव।।७।।
घर के आंगन में प्राणवायु का असीम हो भाव
हरमन ने किया, हर मन का भी हो ऐसा ही स्वभाव
स्वमन में प्रकृति प्रेमी बने,न हो इसका अभाव
हरमन कविता के माध्यम से डाल रहा सभी पर प्रभाव।।८।।
रचनाकार/कलमकार
हरमन कुमार बघेल
व्याख्याता
आरंग-रायपुर
(छत्तीसगढ़)
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