जिला- महासमुन्द
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- "जुनून"
विधा- कविता
संपर्क -9179134271
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कदम चूमती तभी सफलता
गर कुछ पाने का जुनून हों।
रोकें राहें गर बाधाएँ,
मंजिल पाने में सुकून हों।।
क्या रोक सका कोई धारा,
जिनमें बहने का धून हों।
जिसने पा गया दो किनारा,
रुकता नहीं अगर जुनून हों।।
नाम दूसरा कामयाबी का
सच्ची लगन है जुनून जो।
आसमान को भी छेदे हैं,
फेंका पत्थर अंधाधून जो।।
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