Thursday, June 6, 2024

बलौदा बाजार से आर के कुंजाम की रचना- वृक्ष

नाम -आर के कुंजाम व्याख्याता
निवास -भाटापारा जिला बलौदाबाजार भाटापारा
राज्य -छत्तीसगढ
विषय -वृक्ष
विधा-कविता
संपर्क -पंडित दिन दयाल उपाध्याय वार्ड मेहता नगर भाटापारा
फोन -9907670711
                   *वृक्ष*
 जीवन का रहस्य है वृक्ष, परोपकार का मिशाल है वृक्ष।
  जीवन का सार है वृक्ष, औषधीयों का भरमार है वृक्ष।
  प्रकृति की सुन्दरता की बहार है वृक्ष,
   शुद्ध वायु वातावरण में शांति का सुमार है वृक्ष।
    हवा, पानी का दाता है वृक्ष, पानी गिरवाता है वृक्ष,
   किसान का मितान जंगलों की शान है वृक्ष।
   गरीबों का जीवन, सृष्टि का नियामक है वृक्ष,
   जीव जन्तुओं सृजनशीलता है वृक्ष।
    पक्षियों का कलरव, जंगली पशुओं का जान है वृक्ष,
   मिट्टी की पकड़न, जड़ों की जकड़न शक्ति का भंडार है वृक्ष।
   वृक्ष नहीं तो जीवन,सब पर करें उपकार,
  पत्थर मारे तो फल दे,महिमा इसकी अपार।
   जाति भेदभाव से दूर रहें,ना कोई ऊंचा न कोई नीचा,
  सब है एक समान,एक वृक्ष के छांव तले शुकून मिले, मानव पशु पक्षी सब जीव एक समान।
    ज़हरीले गैसों ग्रहण कर,प्राण वायु का करें संचार,
   कितना सहज, कितना सुन्दर, सृष्टि की कृति वृक्ष दुनिया में महान।
   जंगलों की रक्षा, स्वार्थ ही न काटें,
  विकास के आड़ में, नष्ट न करें वृक्ष नहीं तो आगामी जीवन वंश में होगा घाटे।
   आओ इसकी रक्षा करें ,ले संकल्प महान,
  10 -10 वृक्ष हम सब लगायें, पर्यावरण में भागीदारी दारी पायें।
  मानव जीवन को धन्य बनायें।

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