जिला- महासमुन्द
राज्य -छत्तीसगढ़
विषय- "सरगम"
विधा- गीत
संपर्क - 9179134271
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सात सुरों का होता संगम।
मधुर-मधुर गुंजन है सरगम।।
सुर एक साधना है पूजा।
सरस्वती का दर्शन दूजा।।
माँगे गीत समर्पण हरदम, मधुर…...
मात शारदे कंठ विराजे।
साधक के होंठों पर साजे।।
आल्हादित हिय करे विहंगम, मधुर….....
तीनों लोकों में सुर लहरी।
सुर सरिता जब बहे सुनहरी।।
रस जीवन में घोले मद्धम, मधुर........
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