ब्लॉक--आरंग
जिला --रायपुर
राज्य --छत्तीसगढ़
विषय---कविता
शिर्षक--- सरगम
विधा--छंदमुक्त
मो.-९७५३१६४८८५
दिनांक ०७ मई
*सरगम*
सात सुरों के तार में सरगम है।
जीवन के सभी गुणों का संगम है।।
जो सीख लिया जीवन में कहां गम है।
खुशियों का जीवन हरमन हरदम है।।
पशु-पक्षी, जीव-जंतु सभी झूमे तान है।
सरगम में यही हरमन सभी में जान है।।
अंग-अंग फड़कता यही तो पहचान है।
तभी तो करता इसका सभी मान है।।
जो लोग इस बात पर सहमत है।
उसके जीवन में सदा रहमत है।।
सरगम में ही खुशी की बरसात है।
बाकी दुनिया में काहे का बिसात है।।
मानव जीवन में सरगम की कई बात है।
ध्वनि निकलती इसमें सभी स्वरे सात है।।
सा रे ग मा पा ध नि इसी में सभी गीत है।
जीवन का फल मीठा सरगम में यही बात है।।
रचनाकार कलमकार
हरमन कुमार बघेल
*(हरमन)*
आरंग जिला-रायपुर
छत्तीसगढ़
No comments:
Post a Comment