जिला-बलौदाबाजार भाटापारा
राज्य-छ.ग
विषय- बरसात
शीर्षक- बरसात
विधा -कविता
मोबाइल नंबर-9907670711
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बरसात का महीना है, रिमझिम बरसे पानी,
धरे नागर बैलों के चले किसान करने चले किसानी।
अन्न दाता जिसे कहते हैं,पालक रूप जाने सारा जहान,
बिजली कड़के ,पानी बरसे,धरे हाथ तुतारी कितने है महान।
चारों तरफ जब पानी बरसे, हरियाली चहुं ओर सरसे,
जीव जगत उमंग मे नाचे,जब झिमिर झिमर पानी बरसे।
तलाब नदी सब आनंद मनावे,डबरा खोचका सब भर जावे,
प्रकृति के सुन्दरता से सब प्राणी के मन भर जावे।
गर्मी से जब राहत मिले,सबके दिल खुशी से खिले,
हरियर हरियर साग सब्जी हाट बाजार में सस्ता मिले।
बरखा के मस्त बौछार में, बच्चे सियान भरे किलकारी,
हर्षित होते सृष्टि के जन्म दात्री हमारे धरती महतारी।
आओ सब आनंद मनाये,मस्त बरसात का लुत्फ उठाये,
स्वागत करें बरखा रानी का खुशी मन से मौज मनाये।
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