जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- अंधेरा
शीर्षक- पूनम की रात
विधा- छंद मुक्त कविता
संपर्क- 7974389033
जब पूनम की रात को,
मैंने तुझको देखा था।
प्यार का इजहार किया,
वो चाॅंदनी रात था।१।
तुम हो मेरी मुस्कान,
तुझमें बसी है मेरी जान।
रब ने तराशा तुझे नूर जैसा,
तुम हो मेरा प्यार व ईमान।२।
इस पूनम की रात को,
मिलना अभी बाकी है,
चमकता हुआ चेहरा देख,
मदहोश होना अभी बाकी है।३।
आसमान चाॅंदनी से सजने लगी,
पूनम की रात सुहानी लगने लगी।
तेरे संग बिताए हर लम्हा याद आने लगी,
चाॅंदनी रातों में तू दिखाई देने लगी।४।
✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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