Thursday, June 13, 2024

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- पूनम की रात

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- अंधेरा
शीर्षक- पूनम की रात
विधा- छंद मुक्त कविता 
संपर्क- 7974389033

जब  पूनम  की  रात  को,
मैंने  तुझको  देखा   था।
प्यार  का  इजहार  किया,
वो   चाॅंदनी   रात  था।१।

तुम  हो  मेरी  मुस्कान,
तुझमें बसी है मेरी जान।
रब ने तराशा तुझे नूर जैसा,
तुम हो मेरा प्यार व ईमान।२।

इस  पूनम  की  रात  को,
मिलना  अभी  बाकी  है,
चमकता हुआ चेहरा देख,
मदहोश होना अभी बाकी है।३।

आसमान चाॅंदनी से सजने लगी,
पूनम की रात सुहानी लगने लगी।
तेरे संग बिताए हर लम्हा याद आने लगी,
चाॅंदनी रातों में तू दिखाई देने लगी।४।

         ✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
         ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...