जिला - कोरबा
राज्य - छत्तीसगढ़
विषय - बरसात
विद्या - गीत
संपर्क - 93 99 432577
*बरसात*
खेत-खलिहान तुम्हें बुलाए, देख आवाज है लगाए रे ......।
तू छा जा रे बादल... ,तू आजा रे बरसात...।।2।।
तेरे अगुवाई में बरसात , पलके है हमने बिछाई रे। धूप का तपन है बढ़ा हुआ, माँ धरती आश लगाई रे ......।।
सभी जीव-जंतु परेशान....., देख पानी को तरसे...।
सूख गए नदी नाले झील, अरे बादल तु कब बरसे....।।2।।
तू झूम के आजा....,अरे जम के बरस जा ....।2।धरती की प्यास बुझा जा रे..., तू आजा रे बरसात....।।2।।
उमष बढ़ा है.. बदन तपा है.., ठंडक रे दे जा.....। किसानों को तृप्त कर जा..., तू आ जा रे बरसात.....।।2।।
तेरे आने से... हरियाली छाये...., खुशियाँ घर आए रे।
हरी-भरी इन वादियों में..., चिड़िया चहचहाये रे....।।
रंग-बिरंगे... फूल खिलेंगे..., उसपे भंवरे मंडराये रे ...।
आकाश तले... सब जीव पले..., काली घटा देख छाये रे ....।।2।।
तू छा जा रे बादल......।।2।।
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