जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, सरगम
शीर्षक, सरगम
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
भारतीय संगीत है शिखरतम,
सारेगामापाधानिशा,है सरगम,
संगीतकार,साधक,शिव_पूजा,
उसके बाद करते अभ्यास,गीत।।
कुछेक माता सरस्वती का ध्यान
पूजा-पाठ उपरांत,अभ्यास,धन
स्वरों का समूह कहलाता,गीत
सारेगामा भी उसी के अंन्तरगत।।
चाहे शास्त्रीय,प्राच्य या पाश्चात्य
समस्त गीत-संगीत,अभ्यास,से,
बिना साधना के हो नहीं सफल
इसलिए फनकार,करें जतन।।
सरगम है भारतीय,संगीत,विधा
जिसका कायल हैं सब,अहो,
शिव,शंकर,महादेव का आशीष
सरगम से है जहां,आप्लावित।।
रविशंकर,पीड़ित यशराज आदि
कठोर साधना करते,दिनराति,
यह हमारा भारतवर्ष का शान,
सरगम है हमारा अमूल्य निधि,महान।।
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