जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, संवेदना
शीर्षक, संवेदना
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
मानव तु है ईश्वर का श्रेष्ठ सृजन
लिऐ बुद्धि,विवेक,दिल,संवेदना
यह गुणों से तेरा गरिमा,महती,
दीन,दुखी,विधवा के लिए संवेदना।।
वृद्ध जन,असहाय के लिए दया
करुणा,सहयोग भाव का उदय,
साथ में प्राणी मात्र के,सहृदय,
यह सब मानवीय आचरण धन।।
वचपन से कर अभ्यास,तादिन,
वही धीरे धीरे संवेदना,आनन,
व्यक्तित्व में लाऐगा,निखार,
व्यक्ति का तेज और औज मुरार।।
आपदाग्रस्त,दीन,दुखी सहाय,
गांव,पड़ोसी,राज्य,के असहाय
संवेदना से बन तु हितग्राही,री,
देश,दुनियां में यश तेरा,फैलेगा।।
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